नाराज शिक्षकों को मनाने के प्रयास शुरू

नाराज शिक्षकों को मनाने के प्रयास शुरू

teachers-striकांग्रेस को शिक्षकों की नाराजगी का डर सताने लगा है। यही वजह है कि पार्टी के आला नेताओं ने शिक्षकों को मनाने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

प्रदेश में शिक्षा विभाग सबसे अधिक कार्मिकों वाला विभाग है। इसमें विभिन्न स्तर के शिक्षकों की संख्या 70 हजार से अधिक है। राज्य के राजनीतिक मिजाज के लिए ये संख्या बहुत बड़ी है। चुनावी साल में इस संख्या की अनदेखी शायद ही कोई राजनीतिक दल कर सकें।

मांगें पूरी न होने और कोर्ट से हांका लगने से हड़ताली शिक्षक प्रदेश सरकार से खार खाए बैठे हैं। राजकीय शिक्षक संघ दो-दो हाथ करने को भी तैयार है। प्रदेश के शिक्षकों की इस नाराजगी और इसके संभावित दुष्परिणाम का डर कांग्रेस के नेताओं को सताने लगा है।

यही वजह है कि अधिकारियों के दो टूक के बावजूद कांग्रेस के नेता विभिन्न तरीकों और विभिन्न स्तरों पर शिक्षकों मनाने के काम में जुट गए हैं। प्रयास है कि किसी तरह से शिक्षकों की नाराजगी को आगे बढ़ने से रोका जा सके।

हालांकि कांग्रेस नेताओं के तमाम प्रयासों और आश्वासनों के बावजूद सुलह की कोई सूरत नजर नहीं आ रही है। अब प्रयास ये हो रहे हैं कि एक बार फिर से मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ शिक्षक संघ के पदाधिकारियों की वार्ता कराई जाए।
कांग्रेस के तमाम विधायक ऐसा प्रयास कर रहे हैं। गरज ये है कि कहीं चुनावी साल में शिक्षकों की नाराजगी भारी न पड़े जाए।

अवकाश के दिन भी जारी रहा धरना
अवकाश के दिन भी हड़ताली शिक्षकों का ब्लॉक मुख्यालय पर धरना जारी रहा।
मामले के कोर्ट तक पहुंचने के बाद राजकीय शिक्षक संघ ने भी कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारियां पूरी कर दी हैं। इस बीच, शनिवार को अवकाश के बावजूद शिक्षकों ने ब्लॉक मुख्यालयों पर धरना जारी रखा।
राजकीय शिक्षक संघ की नरेंद्रनगर इकाई के अलावा डोईवाला समेत तमाम ब्लॉकों से धरने की सूचना है। शिक्षक मांगों को लेकर इस बार आर-पार की लड़ाई के मूड़ में हैं।

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