भाजपा के लिए बगावत को थामना हुआ मुश्किल

भाजपा के लिए बगावत को थामना हुआ मुश्किल

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टिकट वितरण को लेकर भाजपा में शुरू हुई बगावत थमने का नाम नहीं ले रही है। इस काम में संघ के लगने के बावजूद आशातीत सफलता नहीं मिल रही है।

प्रदेश की कोई विधानसभा ऐसी नहीं है जहां भाजपा में फूट न पड़ गई हो। पूर्व विधायक और पार्टी के तमाम पदाधिकारी पदों से इस्तीफे देकर निर्दलीय ताल ठोकने का ऐलान कर रहे हैं। बगावत को थामना पार्टी के लिए मुश्किल हो रहा है।

कुछ विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्याशियों की पहल के बाद थोड़ा बहुत असर जरूर दिख रहा है। मगर, अधिकांश सीटों पर बुरा हाल है। जिन नेताओं ने कार्यकर्ताओं को समझाना था वो स्वयं कार्यकर्ताओं को निशाने पर हैं।

कुछ कार्यकर्ता तो आला नेताओं के खिलाफ जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। गंभीर आरोप तक लगाए जा रहे हैं। परिवारवाद समेत तमाम तोहमत लग रही हैं। भाजपा के कार्यकर्ता अब हदें लांघने से भी नहीं हिचकिचा रहे हैं। बेकाबू हो रहे हालातों को सुलझाने के लिए पार्टी ने संघ की मदद भी ली। मगर, इसमें भी आशातीत सफलता मिलती नहीं दिख रही है।

अधिकांश सीटों पर प्रत्याशियों के चयन पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। सर्वे और फीडबैक में घालमेल के आरोप लग रहे हैं। कार्यकर्ता आरोप लगा रहे हैं कि प्रदेश के नेताओं ने हाईकमान के सम्मुख सही-सही स्थिति नहीं रखी। हाईकमान को अंधेरे में रखा गया।

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