33 प्रतिशत ब्लॉक प्रमुखों का निर्विरोध चुना जाना

33 प्रतिशत ब्लॉक प्रमुखों का निर्विरोध चुना जाना

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पौड़ी। लोकतंत्र में 33 प्रतिशत ब्लॉक प्रमुख और 31 प्रतिशत जिला पंचायत सदस्यों का निर्विरोध चुनाव जाना किस बात का संकेत है? ये चुने गए लोगों की योग्यता/संघर्ष का प्रतिफल है या फिर तमाम समीकरणों का खेल।

राज्य गठन के बाद उत्तराखंड में ये चौथा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हुआ। पहली बार बड़ी संख्या में ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुए। 89 में से 27 ब्लॉक प्रमुख और 12 में से चार जिला पंचायत अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।

इसके अलावा 28 कनिष्ठ प्रमुख और 27 वरिष्ठ उपप्रमुख भी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। चार जिला पंचायत के उपाध्यक्ष भी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इतनी बड़ी संख्या में अहम पदों पर निर्विरोध निर्वाचन किस बात का संकेत है?ये चुने गए लोगों की योग्यता/संघर्ष का प्रतिफल है या फिर तमाम समीकरणों का खेल।

दरअसल, इसमें प्रदेश की मौजूदा राजनीति की प्रतिछाया साफ दिख रही है। 2017 के विधानसभा चुनाव में भूतो न भविष्यति वाले जनादेश ने इसमें बड़ा रोल प्ले किया। इस जनादेश की प्रतिछाया जिला पंचायत और ब्लॉकों को दिखाने के लिए प्रयास भी खूब हो रहे हैं।

ऑफ द रिकॉर्ड बहुत सी बातें सुनी और महसूस की जा रही हैं। अब देखने वाली बात होगी की जिला पंचायत और ब्लॉक जनता के मुददों पर कैसे रिएक्ट करते हैं। उत्तराखंड राज्य में प्रचंड बहुमत का अनुभव अच्छा नहीं रहा है।

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