मानवता की सेवा प्रभु प्राप्ति का माध्यम

मानवता की सेवा प्रभु प्राप्ति का माध्यम

Nirmal-ashramमानवता की सेवा प्रभु प्राप्ति का माध्यम है। समाज सेवा आत्मिक शांति देती है। इसमें निस्वार्थ भाव का होना जरूरी है।

ये कहना महंत बाबा राम सिंह जी महाराज का। महाराज रविवार को निर्मल ज्ञान अकादमी और निर्मल आई इंस्टीटयूट के स्थापना दिवस पर रक्त दान शिविर के शुभारंभ के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

उन्होंने मानव सेवा, समाज सेवा के लिए निस्वार्थ भाव को जरूरी बताया। कहा कि मानव सेवा प्रभु प्राप्ति का माध्यम है। जबकि समाज सेवा आत्मिक शांति प्रदान करती है। उन्होंने चिकित्सा स्वास्थ्य के क्षेत्र में निर्मल आश्रम के स्तर से हो रहे प्रयासों के बारे में बताया।

आईएमए ब्लड बैंक, देहरादून के सहयोग से रक्तदान शिविर में लोगों ने बढ़ चढ़कर शिरकत की। इस मौके पर अरजन गुरबख्शानी, श्रीमती मंदाकिनी पंवार, रणजीत सिंह नेगी, श्रीमती ललिता कृष्णास्वामी, विक्रमजीत सिंह, करमजीत सिंह, आत्मप्रकाश, अनिल किंगर, डा. मनीष कुमार,

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