संसदीय क्षेत्र बनेगा कैबिनेट विस्तार का आधार ?

संसदीय क्षेत्र बनेगा कैबिनेट विस्तार का आधार ?

- in ऋषिकेश
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देहरादून। राज्य कैबिनेट में खाली पड़ी तीन कुर्सियों को भरने का आधार संसदीय क्षेत्र बन सकता है। ऐसा हुआ तो टिहरी जिला सबसे अधिक लाभ में रहेगा।

राज्य का राजनीतिक परिदृश्य पांच संसदीय क्षेत्र और 70 विधानसभा क्षेत्रों का है। प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में 14 विधानसभा क्षेत्र हैं। राज्य कैबिनेट में तीन कुर्सियां खाली हैं। बताया जा रहा है कि बजट सत्र के तुरंत बाद तीन विधायकों की कैबिनेट में ताजपोशी होगी।

भाजपा का प्रदेश संगठन इसके संकेत दे चुका है। मौजूदा समय में देखे तो त्रिवेंद्र सरकार ने चार लोकसभा क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिला है। इसमें पौड़ी से चार विधायक मंत्री हैं। हरिद्वार से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित दो विधायक कैबिनेट में हैं।

नैनीताल संसदीय क्षेत्र से दो विधायक कैबिनेट मंत्री हैं। अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ को कैबिनेट में प्रतिनिधित्व मिला है। टिहरी संसदीय क्षेत्र के किसी भी विधायक को कैबिनेट में स्थान नहीं मिला है। यदि संसदीय क्षेत्र को आधार बनाया गया तो टिहरी और उत्तरकाशी जिले को प्रतिनिधित्व मिल सकता है।

कुछ विधायकों के नामो की चर्चा भी हो रही है। कुछ जोर भी लगा रहे हैं। हालांकि तीन साल तक विस्तार के लटकने से अब इसको लेकर पहले जैसा उत्साह भी नहीं देखा जा रहा है।

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