सरकार! घर का सपना मत तोड़िए

सरकार! घर का सपना मत तोड़िए

beaulding-consराज्य में निर्माण सामग्री की कीमतों में हर दिन आ रहे उछाल से लोगों का घर का सपना टूट रहा है। राज्य की प्रचंड बहुमत की सरकार है कि गौर करने तक को तैयार नहीं है।

याद कीजिए कांग्रेस की हरीश रावत सरकार पर सबसे बड़ा आरोप खनन से संबंधित था। भाजपा ने इसे भुनाया और सत्ता में आ गई। हरीश रावत के मुख्यमंत्री रहते हुए राज्य से ही मैनेज होने वाली निर्माण सामग्री रेत, बजरी, डस्ट आदि की कीमतें आम लोगों की पहुंच में थी।

तब निर्माण सामग्री प्रति कुंतल 65-75 रूपये के बीच थी। इससे निर्माण सेक्टर में अच्छी गतिशीलता दिखती थी। भाजपा के सत्ता में आते ही इसमें बेतहाशा बढ़ोत्तरी हो गई। रेत, बजरी और डस्ट 150 रूपये प्रति कुंतल तक पहुंच गया है।

अब तो उपलब्धता का संकट भी पैदा हो गया है। इसको लेकर प्रदेश की त्रिवेंद्र रावत सरकार सवालों के घेरे में है। सरकार पर तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं। घर का सपना देख रहे लोग परेशान और सरकार के रवैए से हैरान हैं। निर्माणाधीन घरों का बजट गड़बड़ा गया है।

अदालती फेर और प्रशासनिक कार्रवाई महंगाई पर और आग लगा रही है। इसका लाभ खनन माफिया जमकर उठा रहे हैं। जो कुछ सुनने और समझने और महसूस करने को मिल रहा है उससे भाजपा की राज्य सरकार भी सवालों के घेरे में है।

लोगों के घर का सपना टूटता हुआ दिख रहा है। भाजपा सरकार इसको लेकर कुछ दावे कर ले। मगर, सच ये है कि लोग परेशान हैं। प्रचंड बहुमत के घमंड में भाजपाइयों को ये दिख नहीं रहा है।

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