अतिथि शिक्षकों को लेकर सरकार असमंजस में

अतिथि शिक्षकों को लेकर सरकार असमंजस में

tअतिथि शिक्षकों को लेकर प्रदेश सरकार असमंजस में हैं। ऐसे में अब सरकार कोर्ट के निर्णय का इंतजार कर रही है।

प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे अतिथि शिक्षकों की आवश्यकता बता चुके हैं। जल्द इस पर निर्णय की बात भी पांडे कर चुके हैं। बावजूद इसके स्थिति ये है कि प्रदेश सरकार इस मामले में पूरी तरह से असमंजस में है।

कारण सरकार को डर है कि कहीं रोजगार छिन्ने क तोहमत न लगें। पार्टी संगठन में भी इस मामले में एक राय नहीं है। उपनल के मामध्यम से विभिन्न विभागों में काम कर रहे कर्मियों के मामले में सरकार पर ऐसे आरोप लगने लगे हैं।

शिक्षा विभाग के अधिकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि अतिथि शिक्षक या अस्थायी शिक्षकों की व्यवस्था केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर स्कूल स्तर पर की जाए। इसके लिए प्रिंसिपल को अधिकार दिए जाएं।

अधिकारियों का मानना है कि इससे विभाग स्थायी नौकरी के दबाव से बचा रहेगा। इसके लिए विभागीय अधिकारी सरकार के सामने पूर्व के अनुभवों को भी रख चुके हैं।

भले ही सरकार इस मामले के कोर्ट में होने की बात कहकर फिलहाल बच रही हो। मगर, सच ये है कि सरकार को इस पर जल्द निर्णय लेना ही होगा। कारण उसे वर्ष 2018 में निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जाना है और 2019 में आम चुनाव में उतरना है।

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