समय से निकाय चुनाव न होना जनता के साथ धोखा

समय से निकाय चुनाव न होना जनता के साथ धोखा

- in हरिद्वार
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हरिद्वार। राज्य में समय से निकाय चुनाव न होना राज्य की शहरी जनता के साथ धोखा है। निर्वाचित बोर्ड के अस्तित्व में न होने से निकायों में अधिकारियों की मनमानी चल रही है।

तय नियम के मुताबिक राज्य में मार्च में निकाय चुनाव होने थे। इससे ऐन पहले प्रदेश की प्रचंड बहुमत की सरकार ने निकायों के सीमा विस्तार का राग छेड़ दिया। सरकार जानती और समझती थी कि इससे विवाद पैदा होंगे।

विवाद कोर्ट पहुंचे और चुनाव लटक गए। निर्चाचन आयोग ने समय से चुनाव कराने के खूब प्रयास किए। मगर, सरकार के प्रपंचों के आगे आयोग की एक नहीं चली। अभी तक चार माह निकाय चुनाव लटक चुके हैं।

अगले दो माह में भी निकाय चुनाव होने की उम्मीद ना के बराबर है। निकाय बोर्डों के अस्तित्व में न होने से निकायों में अधिकारियों की मनमानी चल रही है। आरोप लग रहे हैं कि अधिकारी सिर्फ सत्ता के इशारे पर ही काम कर रहे हैं।

इसमें जमकर राजनीति हो रही है। बरसात से पहले होने वाले तमाम कार्यों में जमकर मनमानी हो रही है। निकासियों की सफाई से लेकर, जल भराव संभावित क्षेत्रों पर निकायों के अधिकारी गौर करने को तैयार नहीं हैं।

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