स्वच्छ विद्यालय पुरस्कारः प्रिंसिपल नहीं दिखा रहे रूचि

स्वच्छ विद्यालय पुरस्कारः प्रिंसिपल नहीं दिखा रहे रूचि

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पौड़ी। स्कूलों के प्रधानाध्यापक/प्रधानाचार्य की ढीले ढाले रवैए से केंद्र सरकार के स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है।

प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत अभियान से छात्रों को जोड़ने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार योजना शुरू की है। इस योजना में अभी तक उत्तराखंड का परफारमेंस खासा कमजोर है।

इस पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारी नाराजगी भी व्यक्त कर चुके हैं। बहरहाल, अब अपर निदेशक माध्यमिक महावीर सिंह बिष्ट ने स्कूलों को इस बारे में कड़ा पत्र लिखा है। साथ ही इसके लिए आवेदन करने के तरीके के साथ ही गाइड लाइन भी जारी की हैं।

बहरहाल, अभी तक स्कूलों से ये बात सामने आ रही है कि स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार योजना में प्रिंसिपल रूचि नहीं दिखा रहे हैं। रिटायरमेंट के बाद पांच छह माह का सेवा विस्तार पाने वाले अधिकांश प्रिंसिपलों का यही हाल है। जबकि कुछ स्वयं को नया तो कुछ व्यवस्थाआें का नकली रोना रो रहे हैं।

जानकारों की मानें तो प्रिंसिपलों के शहरों से अप-डाउन करने की वजह ये वो स्कूलों को प्रॉपर टाइम नहीं दे पा रहे हैं। परिणाम स्कूलों की और व्यवस्थाएं भी पटरी से उतर रही हैं।

अपर निदेशक महावीर सिंह बिष्ट का कहना है कि स्कूलों को कड़ा पत्र लिखा गया है। इसमें मॉनिटरिंग भी जाएगी। प्रिंसिपलों को इसमें रूचि लेनी ही होगी।

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