चिकित्सकीय पेशे की स्वायतता बरकरार रखी जाए

चिकित्सकीय पेशे की स्वायतता बरकरार रखी जाए

doctorआईएमए से संबद्ध चिकित्सकों ने दो घंटे ओपीडी बंद रखकर भारत सरकार से चिकित्सकीय पेशे की स्वायतता को बरकरार रखने की मांग की है।

30 राज्यों की डेढ़ हजार से अधिक आईएमए की इकाइयों से संबद्ध डाक्टरों ने बुधवार को दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर मार्च निकाला। ऋषिकेश में डॉक्टर्स ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन प्रेषित किया।

ज्ञापन में चिकित्सकीय पेशे की स्वायतता को बरकरार रखने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा इंडियन मेडिकल कौंसिल अधिनियम को संशोधित करने, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत नुकसान की भरपाई तय करने, चिकित्सक और हॉस्पिटल को नुकसान से बचाने के लिए केंद्रीय अधिनियम बनाने, पीएनडीटी के कुछ प्रावधानों में संशोधन करने की मांग शामिल है।

इस मौके पर डा. हरिओम प्रसाद, डा. सोनम कपूर, डा. हरीश द्विवेदी, डा. अजय शर्मा, डा. चित्र सिंह, डा. डीपी रतूड़ी, डा. राजेंद्र गर्ग, डा. सुनील चतुर्वेदी, डा. नरेंद्र रतूड़ी, डा. विजय जोशी, डा. अजय सेठी, डा. अजय अग्रवाल आदि मौजूद थे।

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