सातवां वेतनमानः सरकार का मास्टर स्ट्रोक

सातवां वेतनमानः सरकार का मास्टर स्ट्रोक

strik-smaptसातवें वेतनमान के मुताबिक कर्मचारियों को नवंबर से वेतन के ऐलान के साथ ही सरकार ने मास्टर स्ट्रोक खेल दिया है। सरकार को उम्मीद है कि स्ट्रोक से कर्मियों की सभी छोटी-बड़ी नाराजगियां एक झटके से दूर हो जाएंगी।

केंद्रीय कर्मचारियों को सावतें वेतनमान का तोहफा मिल चुका है। कर्मचारी राज्य में भी इसको जल्द लागू करने की मांग कर रहे थे। चुनाव के लिए अब कुछ ही महीने शेष होने की वजह से माना जा रहा था कि मौजूदा सरकार इस मामले को नई सरकार के लिए छोड़ देगी। मगर, मुख्यमंत्री ने दीपावली से पहले राज्य कर्मचारियों को सावतें वेतनमान का तोहफा देने का ऐलान कर दिया है।

इसके लिए पैसे का इंतजाम भी प्रदेश सरकार कर चुकी है। कहा जा सकता है कि ये ऐलान हरीश सरकार का मास्टर स्ट्रोक है। सरकार का उम्मीद है कि इस स्ट्रोक से विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की नाराजगी एक झटके में दूर हो जाएगी। कम से कम कर्मचारियों की नाराजगी से चुनाव में नुकसान की आशंका से निजात मिलेगी।

शिक्षकों की हड़ताल को लेकर कांग्रेस के आला नेताओं के चेहरों पर भी चिंता देखी जा सकती थी। शिक्षकों को भी काफी हद तक सरकार ने मना लिया है। सरकार को उम्मीद है कि अन्य कर्मचारी भी सातवें वेतनमान के तोहफे से फिलहाल तो आंदोलन जैसा कोई विचार नहीं करेंगे।

हालांकि ये देखने वाली बात होगी को पहले से चली आ रही वेतन विसंगतियां का सातवें वेतनमान में क्या शक्ल होगी। यदि वेतन विसंगति दूर नहीं हुई तो ये तोहफा सरकार के लिए बैक फायर भी साबित हो सकता है। कारण नवंबर के बाद विसंगतियों को दूर करने का आश्वासन देने का वक्त भी सरकार के पास शायद ही बचे।

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