बैंकों की कंजूसी से परवान नहीं चढ़ पा रही स्वरोजगार योजना

बैंकों की कंजूसी से परवान नहीं चढ़ पा रही स्वरोजगार योजना

- in टिहरी
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नई टिहरी। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में राष्ट्रीयकृत बैंक रोजगार हेतु ऋण देने में कंजूसी बरत रहे हैं। बैंकों की कंजूसी की वजह से राज्य के तमाम पर्वतीय क्षेत्रों में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है।

राज्य गठन के बाद बैंक ऋण जमा अनुपात के मामले में पर्वतीय क्षेत्रों के साथ अन्याय करते रहे हैं। कई बार सरकार ने बैंकों के इस रवैए पर चिंता भी व्यक्त की। मगर, बैंक पर्वतीय क्षेत्रों में ऋण देने के मामले में कंजूसी दिखाने से बाज नहीं आ रहे हैं।

बैंकों की कंजूसी से राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वरोजगार के क्षेत्र में आशातीत प्रगती नहीं हुई। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि बैंक मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में भी रूचि नहीं दिखा रहे हैं। टिहरी जिले में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 446 प्राप्त आवेदनों के सापेक्ष 141 आवेदन स्वीकृत, 24 निस्तारित, 95 निरस्त एवं 210 आवेदन लंबित है।

इसी प्रकार प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गरत 105 लंबित, पशुपालकों हेतु केसीसी की प्रगत्ति के तहत 3133, एनआरएलएम के 569, एनयूएलएम के 79, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली वाहन मद के 9, गैर वाहन मद के 3, होम स्टे के 18, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के 39 आवेदन लंबित है।

जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव इस पर बैंकर्स की जिला स्तरीय बैठक में नाराजगी व्यक्त कर चुकी हैं। उन्होंने बैंकर्स को स्थिति में सुधार लाने हेतु निर्देशित किया है। स्वरोजगार हेतु ऋण के लंबित प्रकरणों पर जिलाधिकारी ने बैंकों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

जिलाधिकारी ने सभी बैंक शाखा प्रबंधकों को आगामी बैठक में पूरी तैयारी के उपस्थित रहने के भी निर्देश दिए है ताकि लंबित मामलों की वस्तुस्थिति स्पष्ट हो सके। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बैंकर्स को यह भी निर्देश दिए कि केसीसी एवं अन्य लोनी फार्मर्स का शतप्रतिशत फसली बीमा किया जाए। स्पष्ट किया कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित शाखा प्रबंधक की जवाबदेही तय की जाएगी।

इसके अलावा बैठक में सीडी रेश्यो, एमएसएमई, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना व भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान(आरसेटी) के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक रुहेला, जिला विकास अधिकारी आनंद भाकुनी, लीड बैंक अधिकारी डीएस डूंगरियाल, महाप्रबंधक उद्योग महेश प्रकाश, निदेशक आरसेटी विक्रम सिंह चौहान, जिला पंचायत राज अधिकारी सीएस राठौर , मुख्य कृषि अधिकारी जेपी तिवारी, जिला उद्यान अधिकारी डॉ डीके तिवारी, जिला पर्यटन अधिकारी एसएस यादव के अलावा एसबीआई, पीएनबी के अलावा अन्य बैंकों के प्रबंधक भी उपस्थित थे।

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