कोरोनाः कहीं भारी न पड़ जाए लापरवाही

कोरोनाः कहीं भारी न पड़ जाए लापरवाही

- in ऋषिकेश
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ऋषिकेश। कोरोना को लेकर सार्वजनिक स्थानों पर दिख रही लापरवाही भारी पड़ सकती है। लॉकडाउन में लोगों के स्तर से दिखी सावधानी तेजी से लापरवाही में बदलती दिख रही है।

कोरोना संक्रमण से बचने के लिए अभी कोई दवा नहीं है। ऐसे में सुरक्षित रहने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क का उपयोग,बार-बार साबुन से हाथ धोना और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना ही उपाय है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही खतरनाक हो सकती है।

लॉकडाउन के दौरान अधिकांश लोगों ने उक्त बातों को खूब फॉलो किया। मगर, अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होते ही लोगों के स्तर से लापरवाही होने लगी है। सार्वजनिक स्थानों खासकर बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग को आम लोग फॉलो नहीं कर रहे हैं।

लोगों के स्तर से होने वाली टोका टाकी न होने से स्थिति और बिगड़ रही है। युवाओं को लापरवाह रवैया भी मुश्किल बढ़ाने वाला साबित हो रहा है। बेवजह घरों से बाहर निकलने की प्रवृत्ति में भी तेजी से इजाफा हो रहा है।

इन्हीं लापरवाहियों का परिणाम है कि उत्तराखंड जैसे सुरक्षित राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या 40 हजार के पार पहुंच गई है। राज्य के बड़े शहरों में हॉट स्पाट की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। इससे सरकार की चिंता बढ़ गई हैं।

ऐसे में जरूरी है कि लोग लापरवाही न करें। कोरोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क का उपयोग,बार-बार साबुन से हाथ धोना और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएं। एक-दूसरे को जागरूक करें।

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