संस्कृति के संरक्षण और धार्मिक पर्यटन के लिए मेले जरूरीः मुख्यमंत्री

संस्कृति के संरक्षण और धार्मिक पर्यटन के लिए मेले जरूरीः मुख्यमंत्री

- in अल्मोड़ा
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जागेश्वर। संस्कृति के संरक्षण और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मेलों का अधिक से अधिक आयोजन जरूरी है। कोसी समेत अन्य जल राशियों का संरक्षण जनसहभागिता से ही संभव है।

ये कहना है मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का। रावत सोमवार को जागेश्वरी में श्रावणी मेले में उदघाटन के शुभारंभ के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जागेश्वर मन्दिर समूह बाहरी पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है। इसके संरक्षण एवं सौन्दर्यीकरण पर हमें ध्यान देना होगा।

प्रदेश सरकार पर्यटन को बढावा देने के लिये धार्मिक व पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मेलां के आयोजन हेतु वार्षिक कलेण्डर तैयार कर रहा है और इसी अनुसार पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा इनके आयोजनों हेतु बजट का प्राविधान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर क्षेत्र पर्यटन मानचित्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है अब इसे पांचवे धाम के रूप में विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। इस दिशा में सरकार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जिले की बेहतरी के लिए किए जा रहे कार्यों पर भी प्रकाश डाला। कहा कि अगले शैक्षिणक सत्र में अल्मोड़ा मेडिकल कालेज में कक्षायें प्रारम्भ कर दी जायेंगी।एक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का विद्यालय भी खोलने की योजना है जिसमें निर्धन परिवारों के मेधावी बच्चों को प्रवेश दिया जायेगा इसके लिये आयुक्त कुमाऊॅ मण्डल व जिलाधिकारी को भूमि चयन करने के निर्देश दिये गये है।

इस अवसर पर उन्होंने हिन्दू नव वर्ष कलेण्डर का विमोचन किया एवं स्वयं सहायता समूह द्वारा बनाये गये चैलाई के लडडू को प्रसाद के रूप में वितरित कयि जायेंगे। मेले के उद्घाटन के अवसर पर विधायक गोविन्द सिंह कुंजवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट््ट, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी0 रेणुका देवी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।

कांटली में कोसी के संरक्षण के हेतु किए जा रहे वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का भी मुख्यमंत्री रावत ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही कोसी को पुर्नजीवन मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिव जी की तपस्थली रूद्रधारी से इस पवित्र कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। 167755 (एक लाख सड़सठ हजार सात सौ पचपन) पौधों का रोपण जन सहभागिता के माध्यम से करने का कीर्तिमान स्थापित हो रहा है। प्रदेश सरकार ने देहरादून में स्थित रिस्पना नदी (ऋषिपर्णा) व ऐतिहासिक जनपद अल्मोड़ा में कोसी नदी को पुनर्जीवित करने का बीड़ा उठाया है। कोसी पुनर्जीवन अभियान के तहत आज टास्क फोर्स सेना, एस0एस0बी0, एन0सी0सी0, स्काउट, सेना, विद्यालय की छात्रछात्रायें, महिला मंगल दलो, महिला स्वयं सहायता समूहों व स्वयंसेवी संस्थाओं एवं ग्रामीणों ने बढ़चढ़ कर भागीदारी कर सहभागिता की। इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष श्री रघुनाथ सिंह चैहान, विधायक द्वाराहाट महेश नेगी, विधायक बागेश्वर चन्दन राम दास, विधायक कपकोट बलवन्त सिंह भौर्याल मंडलायुक्त राजीव रौतेला, जिलाधिकारी श्रीमती इवा आशीष, मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित आदि मौजूद थे।

 

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