गंगा संरक्षण से सीधे जुड़ेंगे स्कूली छात्र

गंगा संरक्षण से सीधे जुड़ेंगे स्कूली छात्र

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नई दिल्ली। गंगा तटीय शहरों/क्षेत्रों में स्थित स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र गंगा संरक्षण से जुड़ेंगे। इसके लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। सुरक्षा के लिए गंगा बुक तैयार की जा रही है।

जर्मन की रहाइन नदी के पुर्नजीवन में अहम योगदान देने वाले इंटरनेशनल संस्था जीआईजेड अब भारत सरकार के नामामि गंगे प्रोजेक्ट में हाथ बंटाएगी। इसके लिए संस्था ने प्रथम चरण का काम शुरू कर दिया है।

इसके तहत दिल्ली में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के गंगा तटीय शहरों/क्षेत्रों में स्थित स्कूलों के प्रिंसिपल/चुनिंदा शिक्षकों ने इसमें शिरकत की। कार्यशाला में संस्था के अधिकारियों ने गंगा संरक्षण के रोडमैप प्रस्तुत किया।

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इसके लिए स्कूलों से मूवमेंट बनाने पर जोर दिया गया। कैसे इसे आगे बढ़ाया जा सकता है इस पर प्रिंसिपल और शिक्षकों से सुझाव मांगे गए। जल्द ही इन सुझावों और तथ्यों को गंगा बुक के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

कार्यशाला से लौटे शिक्षकों ने इससे जुड़े अपने अनुभव साझा किए। कहा कि स्कूलों की स्पष्ट भूमिका तैयार करने को खाका तैयार किया जा रहा है। निश्चित रूप से ये धरातल पर प्रभावी होगा। कार्यशाला में शिक्षा विभाग की अधिकारी हेमलता भटट, प्रिंसिपल पूनम राणा, सुमनलता पंवार, शिक्षिका डा. सरिता उनियाल, लता पांडे समेत उत्तराखंड के 21 और उत्तर प्रदेश के 28 ने प्रतिभाग किया।

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