डीएम मंगेश घिल्डियाल ने संभाली जिले की कमान

डीएम मंगेश घिल्डियाल ने संभाली जिले की कमान

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नई टिहरी। आईएएस अधिकारी मंगेश घिल्डिया ने 53 वें डीएम के रूप में जिला के कमान संभाल ली है। कमान संभालते ही एक्शन में आए डीएम ने जिला स्तरीय अधिकारियों को परिचय के साथ प्राथमिकताओं का खाका भी दिखा दिया।

रूद्रप्रयाग से स्थानांतरण होकर आए डीएम मंगेश घिल्डियाल ने रविवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। उनके ज्वाइन करने से पहले ही जिले में उनके काम करने के जनपक्षीय तौर तरीकों के किस्से लोगों तक पहुंच गए थे। लिहाजा हर किसी को उनका इंतजार था।

कार्यभार ग्रहण करते ही इसकी झलक देखने को मिली। जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने परिचय के साथ प्राथमिकताओं का खाका भी प्रस्तुत कर दिया। कहा कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण के कारण आई समस्याओं को दूर करना, प्रवासियों को उनके घरों तक पहुंचाना और अधिक से अधिक लोगों की सैंपलिंग करना पहला लक्ष्य है।

उन्होंने अधिकारियों की बैठक लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि कोविड-19 के कारण उत्पन्न हुई समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया जाए। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सीएमओ डा. मीनू रावत को कोरोना अपडेट, अब तक किए गए उपायों, सैंपलिंग की जानकारी, स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या, कोविड-19 के बचाव के उपकरण सहित कई अन्य जानकारी भी ली। कहा कि कोरोना के कारण पैदा हुई स्थिति से बाहर आने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। टीम भावना से जिले की समस्याओं को हल किया जाए।

बैठक में जिलाधिकारी ने जिला पर्यटन अधिकारी को जनपद के एक-एक होटल संचालको/मालिकां से बात कर करते हुए होटल में सुविधाओं व कक्षो की संख्या का व्योरा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। वही क्वारंटीन/आइसोलेशन पर रखे जाने वाले व्यक्तियों को साफ-सुथरा व गुणवत्तापरक भोजन मिल सके इस हेतु सम्पूर्ण दायित्व जिला पूर्ति अधिकारी को दे दिया गया है।

उन्होंने युवा कल्याण अधिकारी को प्रत्येक क्वारंटीन/आइसोलेशन केंद्र के लिए 2-2 पीआरडी जवान की तैनाती के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद किसी भी फैसिलिटी क्वारंटीन सेंटर स्कूल/पंचायत भवन में कोविड केस आने के बाद की जाने वाली कांटेक्ट ट्रेसिंग एक ही दिन में पूरी हो।

इस हेतु डीएफओ कोको रोसे को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया की यदि हम लोगो को संस्थागत कॉरेन्टीन कर रहे है तो कॉरेन्टीन सेंटरों क्वालिटेटिव होना भी आवश्यक है। जिसके तहत कॉरेन्टीन केंद्र के प्रत्येक कक्ष में ब्रश, मग, बाल्टी, झाड़ू, हार्पिक, पानी पीने का ग्लास, और बचे हुए भोजन को डिस्पोज़ करने के लिए ब्लैक पालीथिन शामिल है।
इससे पूर्व पुलिस के जवानों ने उन्हें गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया।

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