विकास की राह ताकता कोटेश्वर महादेव

विकास की राह ताकता कोटेश्वर महादेव

- in पर्यटन
0

रजनीश कांत तिवाड़ी
जिला टिहरी जिले की देवप्रयाग विधानसभा की खासपट्टी और नरेंद्रनगर विधानसभा की क्वीली पट्टी को जोड़ने वाला मां भागरथी नदी के ऊपर कोटेश्वर में बना झूला पुल अंतिम सांसे गिन रहा है। अनुरक्षण के अभाव में पुल खतरे का दावत दे रहा है।

मां भागीरथी के पावन तट पर भगवान शिव एवं मां पार्वती के प्राचीन मंदिर हैं। तीर्थाटन को अपने समेटे इस क्षेत्र पर अभी तक सरकार मेहरबान नहीं हुई। इसकी बड़ी वजह जनप्रतिनिधियों का उपेक्षात्मक रवैया और दूरदृष्टि का अभाव रहा है।

दोनों मंदिर जीर्णोद्वार की राह ताक रहे हैं। देवप्रयाग विधानसभा छोर से सड़क न होने की वजह से पूरा क्षेत्र उपेक्षित हो गया है। जहाँ कभी इस धाम में यह बात प्रचलित थी कि जब कोई इस कोटेश्वर धाम में दर्शन करने को आएगा तो उसे तीन मन्दिरों में दर्शन एवं तीनों कुंड पर स्नान कर पुण्य प्राप्त होता है।

आवागमन की व्यवस्था न होने से अधिकतर श्रद्धालु एक तरफ ही दर्शन कर पाते हैं। जर्जर हुआ झूला पुल भी श्रृद्वालुओं के कदम रोक देता है। जिस प्रकार की व्यवस्थाएं नरेंद्रनगर विधानसभा छोर से हैं वैसी व्यवस्थाएं देवप्रयाग विधानसभा के छोर से भी हो जाएं तो उक्त क्षेत्र तीर्थाटन का बड़ा केंद्र बन सकता है।

इस पर गौर करने की जरूरत है। स्थानीय लोगों के स्तर से जनप्रतिनिधियों पर इसके लिए दबाव बनाने की जरूरत है। ताकि क्षेत्र में तीर्थाटन का एक और केंद्र विकसित हो सकें। इसके अलावा उक्त क्षेत्र में विकास की और भी तमाम संभावनाएं बनेंगी।

बस जरूरत इस बात की है कि लोग जागरूक हों और जनप्रतिनिधियों में दूरदृष्टि विकसित हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

कोरोना मीटरः 288 नए केस, 11 की मौत और 518 स्वस्थ हुए

देहरादून। उत्तराखंड पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण