मन की ताकत को पहचानेंः प्रोफेसर नेगी

मन की ताकत को पहचानेंः प्रोफेसर नेगी

श्रीनगर। कहते है मन के हारे हार है और मन के जीते जीत। वास्तव में मन में असीमित ताकत होती है। इसको उपयोग कर जीवन को खुशहाल और उददेश्यपूर्ण बनाया जा सकता है।

ये कहना है हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के गणित के प्रोफेसर डीएस नेगी का। यूनिवर्सिटी में हमेशा छात्रों से घिरे रहने वाले प्रोफेसर नेगी रविवार को माइंड पावर पर व्याख्यान दिया। इसमें उन्होंने अपने अनुभवों को लोगों के साझा किया।

खचाखच भरे अदिति वेडिंग प्वाइंट में पिन डा्रप साइलेंस के बीच कहा कि मन में असीमित ताकत होती है। इसके उपयोग से जीवन को खुशहाल और उददेश्यपूर्ण बनाया जा सकता है। जरूरत इस बात की है कि मन की ताकत को पहचाना जाए।

इसे यूं ही नष्ट न होने दें। जीवन में इसका अधिक से अधिक उपयोग करें। उन्होंने बताया कि कैसे नकारात्मक विचारों को सकारात्मक विचार में बदला जा सकता है। कैसे आत्मबल को मजबूत बनाया जा सकता है।

उन्होंने मन की ताकत से साधे जाने वाले जीवन के तमाम अवयवों सपने, समय प्रबंधन, डर, अनिंद्रा, चिंता, आरोग्य, बुरी आदतों से मुक्ति रिश्तों में मजबूती आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा इस दिशा में हो रहे वैज्ञानिक शोध और परिणामों के बारे में भी जानकारी दी।

 

 

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