सरकार! इस पुल को बंद करने का क्या औचित्य

सरकार! इस पुल को बंद करने का क्या औचित्य

- in ऋषिकेश
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ऋषिकेश। एक बार फिर साबित हो गया कि टिहरी जिले के मुनिकीरेती को देहरादून जिले के ऋषिकेश से जोड़ने वाले 14 बीघा मोटर पुल पर आवाजाही बंद करने का कोई औचित्य नहीं है।

वैश्विक महामारी कोरोना के चलते देश भर में 25 मार्च को इम्पोज किए गए लॉकडाउन-एक में जिले का बार्डर सील करने के नाम पर टिहरी पुलिस ने उक्त मोटर पुल पर आवाजाही बंद कर दी। तब जागरूक लोगों ने सवाल खड़े किए थे।

लोगों ने सवाल किए तो पुलिस ने पुल पर आवाजाही खोलने के बजाए कुछ और रास्ते बंद कर दिए। परिणाम दो माह से पैदल राहगिरों के लिए ऋषिकेश जाना मुश्किल हो रहा है। गर्मी में मुश्किलें और बढ़ गई हैं। जिन तर्कों पर पुलिस ने उक्त पुल पर आवाजाही बंद की थी उनका लॉकडाउन-एक में भी कोई औचित्य नहीं था और लॉकडाउन-4 में भी कोई औचित्य नहीं है।

टिहरी जिले को कोरोना संक्र्रमण से बचाने के नाम पर पुल पर आवाजाही बंद करने के बावजूद जिला कोरोना पॉजिटिव के मामले में राज्य में तीसरे नंबर पर आ गया। जाहिर है इस पुल को बंद रखने से भी संक्रमण नहीं रूका। जबकि पुल पर तैनात सिपाही लोगों को तर्क देते थे कि इस पुल के बंद रहने से क्षेत्र सुरक्षित है।

दरअसल, उक्त पुल ऋषिकेश तक पहुंचने के लिए सबसे सरल है। प्रशासन ने लॉकडाउन के नाम पर सबसे पहले लोगों की सरल पहुंच को ही बंद किया। इस पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी लोगों को खूब अखर रही है। हैरानगी की बात ये है कि जनप्रतिनिधियों ने इस पर मुंह तक नहीं खोला। यही नहीं जनप्रतिनिधि अधिकारियों की हां में हां मिलाते देखे गए।

गत दिनों इस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाईएस रावत से बात की तो उन्होंने दो टूक कहा कि पुल को सही बंद किया गया है और अभी पुल बंद रहेगा।

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