सड़क को तरसे लीही, धारी और पोखरी के ग्रामीण

सड़क को तरसे लीही, धारी और पोखरी के ग्रामीण

- in पौड़ी
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सबधारखाल। भाजपा सरकार का सबका साथ और सबका विकास का नारा क्षेत्र के लीही, धारी और पोखरी गांव के लिए धोखा साबित हुआ। उक्त गांव अभी भी सड़क के लिए तरस रहे हैं।

बात वर्ष 1971-72 की है। पौड़ी-देवप्रयाग सड़क के लिए हुए सर्वे में सबधाराखाल से देवप्रयाग का सर्वे कुंडी, लीही, धारी, पोखरी और कोठी, धनेश्वर के लिए हुआ था। तब इस रूट पर काफी पोटेंशियल भी था। मगर, बनगड़स्यू को रोड कनेक्टिविटी देने के लिए इसे बाया सिरालाखाला, कुंडाधार, पयालगांव और सौड़ किया गया।

करीब 50 साल पूर्व सड़क से छूटे लीही, धारी और पोखरी गांव अभी तक सड़क मार्ग से नहीं जुड़ सकें। कोठी गांव भाग्यशाली रहा कि यहां कांग्रेस शासन में देवप्रयाग से सड़क मार्ग से जुड़ गया। जबकि इससे मात्र 10-12 किमी. का फासले पर स्थित लीही, धारी और पोखरी के हाथ फिर से निराशा लगी।

2017 में सबका साथ और सबका विकास का नारा देकर सत्ता में आई भाजपा उक्त गांव को भूल गई।ये बात सामने आ रही है कि करीब तीन वर्ष पूर्व कुछ चंट चकड़ैतों ने दावा किया कि सड़क का प्रस्ताव बन गया है। इसके लिए वाहवाही भी लूटी गई। मगर, सड़क का कहीं अता पता नहीं है।

अब क्षेत्र के कुछ जागरूक लोगों ने इसको फॉलो करना शुरू किया है। जिलाधिकारी के दर पर दस्तक दी। पूरे मामले को जिलाधिकारी के सम्मुख रखा। लोक निर्माण विभाग को भी नॉक किया गया।

बहरहाल, सड़क न मिलने से क्षेत्र के लोग भाजपा सरकार से खासे नाराज है। सोशल मीडिया में क्षेत्र के लोगों की नाराजगी दिख भी रही है।

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