आर्थिकी का जरिया बनेगा हिम रोजः प्रो. थपलियाल

आर्थिकी का जरिया बनेगा हिम रोजः प्रो. थपलियाल

- in उत्तरकाशी
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उत्तरकाशी। प्रयोगशाला से तकनीकी को सुदूर क्षेत्र में पहुंचाने की जरूरत है। ताकि समृद्धि किसान के द्वार पहुंच सकें। इस दिशा में ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय ने पहल शुरू की है।

कमलाराम नौटियाल राजकीय मॉडल इन्टर कॉलेज, धोंत्री में ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के रूरल डेवलपमेंट कार्यक्रम के अंतर्गत, लाइफसाइंस एवं जैव प्रोद्योगिकी, सगन्ध पादप केंद्र उत्तराखंडसरकार, के० ऐन० आर० डी० एस० एवं सामाजिक एकता समूह एवं का० कमला राम नौटियाल राजकीय मॉडल इन्टर कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में प्रोयोगशालाओं से तकनीक को ग्रामीण क्षेत्रों में पहुचने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के तहत धोंत्री इन्टर कॉलेज में छात्र- छात्राओं को तथा ग्रामीणों को दमस्क गुलाब के खेती के गुर सिखाये गए। इस मौके पर ग्राफ़िक एरा विश्वविद्यालय की पहल पर प्रो. आशीष थपलियाल ने विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने ने दमस्क गुलाब से संबंधित अपने अनुभव भी लोगों के साथ साझा किए। प्रो० थपलियाल ने बताया कि अमेरिका से भारत आने के बाद उन्होंने गढ़वाल क्षेत्र में गांव-गांव जाकर यह महसूस किया कि कौन से गाँव में किस प्रजाति को सरल रूप से विकसित किया जा सकता है।

उत्तरकाशी जिले के चोरंगिखाल, दिखोली, सौर, लोदारा, चोंदियाटगाँव, भटियारा, कमद, ठानडी, धोंत्री, सीरी आदि के कृषकों को जोड़ कर अपने गाँव में पैदा करने को उत्साहित किया है। इन सभी क्षेत्रों में किसान बंदरों एवं जंगली जानवरों से काफी परेशान हैं। इस गुलाब को ना तो बन्दर न जंगली जानवर ही नुक्सान पहुचा सकते है तथा इस गुलाब को खेतों के चारों ओर से बाड़ के रूप में भी इस्तमाल किया जा सकता है।

प्रोफेसर थपलियाल ने आशा व्यक्त की कि इस खूबी के चलते समस्त गजणा पट्टी के ग्रामीण इस गुलाब की खेती के
उत्साहित होंगे. ग्रामीण क्षेत्रों में खेती में टेक्नोलॉजी के समावेश को बढ़ावा देंगे। प्रो. थपलियाल ने स्वयं, जीआईसी धोंत्री के छात्र छात्राओं को, सगन्ध पादप केंद्र द्वारा प्रदान की गयी दमस्क गुलाब की कलमों की क्यारी भी बनवाई।

इसमें विद्ययालय के कृषि विषय के छात्रों ने प्रतिभाग किया तथा उन्होंने इस क्यारी के जिम्मेदारी भी ली। विशिष्ट तिथि पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रो. मधु थपलियाल ने जोर देकर कहा कि प्रयोगशाला में हुए प्रयोग और तकनीकी को सुदूर क्षेत्र तक पहुंचाने की जरूरत है।

उन्होंने ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की। कहा कि वास्तव में सब तक लाभ पहुंचाने का विज्ञान है। डा० मधु थपलियाल ने कहा कि उच्च शिक्षा को महत्व तभी है जब कि टेक्नोलॉजी को ग्रामीण परवेश तक वो पंहुचा सकें। जब गाँव में ही पैदा की गयी कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग होगी तो गाँव में अनेक अवसर पैदा होंगे. इससे पलायन की समस्या का समाधान होगा।
कार्यकर्म में सगन्ध पादप केंद्र, उत्तराखंड सरकार के तकनीकी सहायक सागर ने कृषकों को दमस्क गुलाब, जो हिम रोज के नाम से भी प्रसिद्ध है, पहाड़ों में खेती करने की बारीकियों के बारे में बताया।

उन्होंने बताया कि इस गुलाब से चमोली जिले के किसानों की आय की वृद्धि हुयी है . दमस्क गुलाब के तेल को बाजार में सात लाख रुपय प्रति लीटर/किलो के हिसाब से बेचा जा सकता है। इससे बना गुलाब जल भी इससे पूर्व जीआईसी धोंत्री के प्रिंसिपल आर्य ने कार्यक्रम का बतौर मुख्य अतिथि शुभारंभ किया।

इस मौके पर पुरूषोत्तम, यशवीर शिंह, कुंदन सिंह, गजेन्द्र सिंह, त्रेपन सिंह, विशन सिंह चौहान, गजे सिंह, दिनेश विष्ट, जगवीर सिंह, महेश चन्द्र,दीपक राणा, शांति प्रासाद नौटियाल, श्री प्रवीण कुमार, पूरण सिंह नेगी, डा० अचला चंदोक, महेंद्र व्यास आदि मौजूद थे।

1 Comment

  1. Vijaya Pant Tuli

    बहुत अच्छा बधाई हो आप लोगों को

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