स्कूलों के कोटिकरण में झोलाछाप डॉक्टर को मान्यता

स्कूलों के कोटिकरण में झोलाछाप डॉक्टर को मान्यता

नई टिहरी। स्कूलों के कोटिकरण में पर्वतीय क्षेत्रों में दुकान खोले बैठे झोलाछाप डाक्टरों को भी मान्यता मिल रही है।

स्कूलों के कोटिकरण में स्वास्थ्य सुविधा से संबंधित मानक भी है। इस मानक का विभागीय अधिकारी मनमाना उपयोग कर रहे हैं। दुर्गम क्षेत्रों में दुकान खोलकर बैठे झोलाछाप डॉक्टरों को शिक्षा विभाग के अधिकारी मानक के तहत काउंट कर रहे हैं।

इससे कहीं न कहीं झोलाछाप डॉक्टरों को पर्वतीय क्षेत्र में सरकारी मान्यता मिल रही है। अधिकारियों के इस गैरजिम्मेदारना रवैया से स्कूलों का प्रॉपर कोटिकरण नहीं हो पा रहा है। कुछ विभागीय अधिकारी इस मामले में अड़ियल रूख अपना रहे हैं।

अब शिक्षक संगठनों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं कि जिन झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानों को स्वास्थ्य सुविधा के मानक में शामिल किया जा रहा है क्या विभागीय अधिकारी उनका मेडिकल सर्टिफिकेट भी मानेंगे।

राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की नरेंद्रनगर ब्लॉक इकाई के कोषाध्यक्ष राकेश उनियाल ने इसकी पुष्टि की। कहा कि झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानों को भी स्वास्थ्य सुविधा के मानक में जोड़ा जा रहा है। ये ठीक नहीं है।

 

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