पहाड़ चढें उद्योग तो रूकेगा पलायन

पहाड़ चढें उद्योग तो रूकेगा पलायन

विभिन्न क्षेत्रों में खास मुकाम हासिल करने वालों ने दो टूक कहा कि पलायन उत्तराखंड राज्य की बड़ी समस्या है। पहाड़ों में उद्योग लगाकर इस समस्या से निपटा जा सकता है।

राज्य स्थापना दिवस की 18वीं वर्षगांठ पर उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा विज्ञान धाम में साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंटरवेंशन फॉर एडेसिंग लोकल प्रॉब्लम विषय पर औद्योगिक समुदाय से चर्चा की गई। इसका उद्देश्य राज्य के विकास में औद्योगिक समुदाय की भागीदारी को बढ़ाना था।

चर्चा के केंद्र में पर्वतीय क्षेत्रों से हुए पलायन पर फोकस किया गया चर्चा में उत्तराखंड ग्रामीण विकास एवं पलायन आयोग के उपाध्यक्ष डा0 एस0एस0 नेगी ने कहा कि द्वारा राज्य में पलायन की वस्तुस्थिति, विशेषकर अन्तर्राष्ट्रीय सीमा से पलायन का होना, देश की सुरक्षा के लिये भी खतरा बताया।

पूर्व कुलपति प्रो.एएन पुरोहित ने कहा कि आज विज्ञान को राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाना होगा एवं पहाड़ी क्षेत्रों के सुनियोजित विकास में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का उपयोग करना होगा। उद्योगपति डा. राकेश ओबराय ने सीआईआई द्वारा राज्य में किये जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। कहा कि उद्योग समुदाय राज्य की बेहतरी के लिए प्रतिबद्ध है। साथ कहा कि और बेहतरी के लिए जरूरी है कि सौहादर्यपूर्ण औद्योगिक माहौल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय, जौलीग्रांट के कुलपति डा. विजय धस्माना ने पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे बेतहाशा पलायन पर चिंता व्यक्त की। कहा कि इससे पर्वतीय क्षेत्रों का विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि नौजनवानों को सोच बदलनी होगी। हमारे पूर्वजों ने भी पहाड़ में रहकर जीवन-यापन किया तो आज पहाड़ों में रहकर की विकास क्यों नहीं कर सकते।

पी0एच0डी0 चेम्बर के क्षेत्रीय निदेशक डा0 अनिल तनेजा द्वारा भी राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों के विकास में औद्योगिक समुदाय की सहभागिता पर जोर डाला गया एवं पी0एच0डी0 चेम्बर के कार्यों के बारे में अवगत कराया गया। इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड के पंकज गुप्ता ने कहा कि रोजगार मुहैया कराकर पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोका जा सकता है। यूकॉस्ट के महानिदेशक डा. राजेन्द्र डोभाल ने चर्चा में उपस्थित औद्योगिक समुदाय एवं समस्त राज्यवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनायें प्रेषित की।

साथ ही राज्य के विकास में परिषद की भूमिका पर प्रकाश डाला। स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान औद्योगिक समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच राज्य के विकास में सहयोग पर चर्चा की गयी। कार्यक्रम के दौरान अनूप नौटियाल, राजीव बेरी, डा0 जी0एस0 रावत, डा0 महेन्द्र कुंवर, लवलीना मोदी, डा0 बृजमोहन शर्मा, डा0 प्रशान्त सिंह, विपुल डावर, मनू कौचर, गौरव लाम्बा, राकेश अग्रवाल द्वारा प्रतिभाग किया गया। चर्चा के दौरान मिनी जल विद्युत परियोजनाओं का विकास, कृषि आधारित वस्तुओं की गुणवत्ता सुधार, राज्य में संसाधनों का मानचित्रीकरण एवं आम आदमी के हितो को ध्यान में रखकर उचित औद्योगिक माहौल उपलब्ध कराया जाय जिससे बाहरी निवेशक राज्य में औद्योगिक इकाई को लगाने में रूचि लें। राज्य में उचित पहुंच मार्ग एवं परिवहन संसाधनों का विकास हो, प्रौद्योगिकी हस्तान्तरण एवं टूरिज्म सेक्टर जो राजस्व का बड़ा स्रोत बन सकता है, को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

 

 

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