नो डिटेंशन की गेंद राज्यों के पाले में सरकाने की तैयारी

नो डिटेंशन की गेंद राज्यों के पाले में सरकाने की तैयारी

prakashक्षा आठवीं तक फेल करने की मनाही यानि नो डिटेंशन की गेंद राज्य सरकारों के पाले में सरकाने की तैयारी शुरू हो गई है।

करीब दो सालों से केंद्र सरकार नो डिटेंशन पर राज्यों से राय ले रही है। करीब 18 राज्य नो डिटेंशन की व्यवस्था को समाप्त करने की पैरवी भी कर चुके हैं। गीता और सुब्रमण्यम समिति भी इस पर संस्तुति कर चुकी है। बावजूद केंद्र सरकार इस पर निर्णय नहीं ले सकी है।

मंगलवार को केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड की बैठक में विभिन्न प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों ने नो डिटेंशन पर कोई निर्णय न लिए जाने पर रोष प्रकट किया था। इसे देखते हुए कैब की बैठक में नो डिटेंशन पर निर्णय लेने का हक राज्यों को देने पर सहमति बनाई गई।

कहा जा सकता है कि नो डिटेंशन की गेंद केंद्र सरकार ने राज्यों के पाले में सरकाने की तैयारी कर दी है। अब जल्द ही संशोधन के माध्यम से इस व्यवस्था को अमलीजामा पहनाया जाएगा।

इस मामले में उत्तराखंड पहले दिन से ही नो डिटेंशन की व्यवस्था को समाप्त करने की पैरवी कर रहा है। मंगलवार को नई दिल्ली में हुई कैब की बैठक में शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने नो डिटेंशन को समाप्त करने की जोरदार पैरवी की थी।
अब उम्मीद है कि नए शिक्षा सत्र से उत्तराखंड में कक्षा आठवीं तक फेल न करने की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी।

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