उत्तराखंड को 2024 तक क्षय रोग से मुक्त करने का लक्ष्य

उत्तराखंड को 2024 तक क्षय रोग से मुक्त करने का लक्ष्य

नई टिहरी। उत्तराखंड राज्य को 2024 तक क्षय रोग से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्य को हासिल करने के लिए बेहतर संसाधन मुहैया कराए गए हैं।

विश्व क्षय रोग दिवस के मौके पर जिला चिकित्सालय बौराडी में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वाधान में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनपद में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए लगभग 37 लाख से जॉच उपकरण व स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्रीय कर्मियों के कार्यो में गति लाने के लिए 10 दुपहिया वाहन उपलब्ध कराये गये।

इसके अलावा प्रभारी चिकित्साधिकारी पिल्खी डा. श्याम विजय को चिकित्सा के क्षेत्र में सराहनी कार्यो के लिए कायाकल्प पुरुस्कार से सम्मानित किया गया। इसके तहत डा. विजय को दो लाख रु0 का चेक, प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरती ढौडियाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 2024 प्रदेश को क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए आधुनिक उपकरण चिकित्सालयों को उपलब्ध कराये जा रहे है जिससे जहॉ कर्मचारियों की कार्यक्षमता में सुधार आयेगा वहीं आमजनता को शीघ्र स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध हो सकेगी।

इसी के तहत क्षय रोग की त्वरित जॉच हेतु 30 लाख रु0 की लागत से जिला चिकित्सालय में सीबीनाट (बलगम जॉच मशीन) लगाई गई है। इससे दो घंटे में रिपोर्ट मिल जाएगी। सचिव जिला विधिक सेवा प्रधिकरण अब्दुल कय्यूम, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ आरती डौंढियाल ने संयुक्त रूप से इसका उदघाटन किया।

इस अवसर पर विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव (सिविल जज सीनियर डिविजन) अब्दुल कय्यूम ने कहा कि आमजनता को सरकार द्वारा दी जाने वाली जनसुविधाओं की जानकारी होनी चाहिए। उन्होने कहा कि चिकित्सालयों में सरकार के द्वारा जनता जो नई सुविधायें दी जा रही है उनकी जानकारी प्रचार-प्रचार के माध्यम से दी जानी आवश्यक है ताकि समाज का गरीब तबका भी इसका लाभ ले सके। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ सीपी त्रिपाटी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज वर्मा, डॉ जगदीश पाठक, डॉ रजनी भण्डारी के अलावा जिला कार्यक्रम समन्वयक कमला तोपवाल सहित आर0एन0टी0सी के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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