शिक्षकों के विरोध के बाद बदले सरकार के स्वर

शिक्षकों के विरोध के बाद बदले सरकार के स्वर

- in देहरादून
1

देहरादून। अतिथि शिक्षकों के पदों को रिक्त न मानने की सरकार की मंशा का शिक्षकों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। शिक्षकों के विरोध के बाद सरकार के स्वर काफी हद तक बदल गए हैं।

उल्लेखनीय है कि एलटी से प्रवक्ता पद पर प्रमोशन पाए शिक्षकों की पदस्थपना होनी है। इस बीच, शासन ने आदेश जारी किया कि पदस्थपना में अतिथि शिक्षकों के पदों को रिक्त नहीं माना जाएगा। इस पर राजकीय शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों ने पहले दिन से ही विरोध करना शुरू कर दिया था।

शिक्षकों ने अतिथि शिक्षकों के संबंध में आए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आलोक में घेराबंदी शुरू कर दी। इस मामले की तमाम पेचदगियों और शिक्षकों के कड़े रूख को देखते हुए अब सरकार के स्वर भी कुछ बदले-बदले से दिखने लगे हैं। हालांकि अतिथि शिक्षकों से संबंधित पदों को लेकर अभी तक सरकार ने कोई स्पष्ट ऐलान नहीं किया है।

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे और शिक्षा सचिव आर, मिनाक्षी सुंदरम के स्तर से शिक्षकों को आश्वासन जरूर मिला है। हर स्तर कहा गया कि शिक्षकों का अहित नहीं किया जाएगा। इसके अलावा सरकार ने भी इस पूरे मामले से संबंधित नफा नुकसान का हिसाब लगाना शुरू कर दिया है।

यह भी पढ़ेः अभी बच्चों को स्कूल भेजने के मूड में नहीं अभिभावक

यह भी पढ़ेः नाराज कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने छोड़ी बैठक

1 Comment

  1. Ajay Kumar mittal

    यदि अतिथि शिक्षकों का पद रिक्त मान रहे है तो सत्र लाभ वाले शिक्षकों का पद भी रिक्त माना जाना चाहिए उन्हें मार्च 2020 तक कैसे स्थाई कर दिया।
    इस विभाग का कुछ नहीं पता अब ये अनुरोध और पारस्परिक स्थानांतरण कर रहे है जबकि इन्होंने पहले इस वर्ष किसी भी प्रकार के स्थानांतरण पर रोक लगा दी थी लेकिन अपने चाहने वालो को सुगम के स्कूल देने के लिए प्रोमोशन की काउंसलिंग से पहले ये स्थानांतरण किए का रहे है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

एचएनबीजीयू के आठवें दीक्षांत समारोह का ऑनलाइन पूर्वाभ्यास

श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के