द टीचर्स शो के 50 वें दिन को यादगार बनाने की तैयारी

द टीचर्स शो के 50 वें दिन को यादगार बनाने की तैयारी

- in ऋषिकेश
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ऋषिकेश। कला एवं संस्कृति प्रेमी शिक्षकों का शोसल मीडिया फेसबुक पर चलने वाले द टीचर्स शो का अभी तक का सफर शानदार रहा। शो के 50 वें दिन को यादगार बनाने की तैयारियां चल रही हैं।

रविवार को द टीचर्स शो 50 वें दिन में प्रवेश कर जाएगा। इस दिन को यादगार बनाने की तैयारियों जोरों पर हैं। शिक्षकों में इस शोक की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। बहरहाल, 50 वं दिन के मौके पर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के निर्देशक प्रो. सुरेश शर्मा मुख्य वक्ता होंगे।

जाने माने रंगकर्मी प्रो.सुरेश शर्मा से हम जानेंगे रंगमंचीय विधाओं को शिक्षण में प्रयोग करते हुए कैसे कक्षा कक्ष शिक्षण को सुरुचिपूर्ण और सरस बनाया जा सकता है। साथ ही हम यह भी जानने की कोशिश करेंगे कि स्थानीय शिल्प दृकला दृसंस्कृति का स्कूली अध्ययन-अध्यापन से क्या सम्बन्ध हैं और कैसे इनका प्रयोग बच्चों के सर्वांगीण मानवीय विकास में सहायक साबित हो सकता है।

शो के मुख्य संचालक डा.देवकी नन्दन भट्ट ने बताया कि संस्कृतिकर्मी एवं कला कर्मी शिक्षकों के साथ जीवंत संवाद के अभिनव प्रयोग के रूप में दिनांक 14 जून 2020 को प्रारम्भ हुए फेसबुक पर लाइव इस शो में ऐसे शिक्षकों को सामने लाया जा रहा है ,जो अपने विद्यालय में अध्यापन कार्य करने के साथ साहित्य ,संगीत एवं कला से जुड़े विभिन्न आयामों पर सराहनीय कार्य कर रहे हैं।

रंगकर्मी ,कवि ,फोटोग्राफर शिक्षक डा. देवकीनंदन भट्ट एवं व्यंगकार ,लेखक रंगकर्मी शिक्षक मुकेश प्रसाद बहुगुणा उर्फ़ मिर्ची बाबा इस शो के संचालक हैं। शो के सह-संचालक मुकेश प्रसाद बहुगुणा ,जो कि स्वयं भी एक सरकारी शिक्षक हैं, ने बताया कि इस शो का उद्देश्य है कि विविध कलाकर्मी शिक्षकों के कार्यों और अनुभवों से अन्य शिक्षकों से भी परिचय कराया जाय ,ताकि वे अपने शिक्षण कार्य में कला पक्ष से जुड़े आयामों का नवाचारी प्रयोग कर विद्यालय में सरस दृसहज दृसुरुचिपूर्ण शैक्षणिक वातावरण बनाने में सहायता कर सकें एवं बच्चों की प्रतिभा को निखार सकें।

रोज शाम को सात बजे से आठ बजे तक चलने वाले इस लाइव शो में अभी तक उत्तराखंड , राजस्थान , हिमाचल प्रदेश ,हरियाणा , गुजरात एवं महाराष्ट्र के शिक्षक दृशिक्षिकाएं भाग ले चुके हैं। शो में बंगाल ,मध्यप्रदेश , दिल्ली ,जम्मूकश्मीर आदि राज्यों से भी शिक्षक दृसंस्कृतिकर्मी नियमित दर्शक के रूप में जुड़े हुए हैं। सीसीआरटी ( सांस्कृतिक श्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र ) के पूर्व निदेशक डा. गिरीश जोशी इस शो में विशेषज्ञ शिक्षा विद की भूमिका में हैं।

सांस्कृतिक श्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कृति से जोड़ने का प्रशिक्षण देता है। कार्यक्रम के दौरान गिरीश जोशी द्वारा भारतीय संस्कृति से जुड़े दो प्रश्न भी पूछे जाते हैं ,जिनका उत्तर दर्शकों को दूसरे दिन तक देना होता है।

अपने अलग किस्म के इस शो को हर रोज हजारों लोग देख रहे हैं। शो के दौरान उत्तराखंड के अलावा महाराष्ट्र ,राजस्थान ,गुजरात ,दिल्ली ,पूना आदि से भी दर्शकों द्वारा प्रश्न पूछे जा रहे हैं और कमेंट्स किये जा रहे हैं।

राज्य के ही दो सरकारी शिक्षकों द्वारा प्रारम्भ किया गया यह शो अपने आप में एक नयी पहल है ,जो शिक्षकों में लोकप्रिय होता जा रहा है प् शो के संचालकों का कहना है कि आगे चल कर इसे पूरे देश स्तर पर ले जाते हुए पडौसी देशों (नेपाल भूटान ) के शिक्षकों भी जोड़ने का प्रयास किया जाएगा ।

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