बांस एवं रिंगाल के उत्पादों के मूल्यवर्धन हेतु सात दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू

बांस एवं रिंगाल के उत्पादों के मूल्यवर्धन हेतु सात दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू

- in देहरादून
0

देहरादून। बांस एवं रिंगाल उद्यमियों के उत्पादों के मूल्यवर्धन हेतु सात दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू हो गया। इसमें 30 महिला उद्यमी हिस्सा ले  रही  हैं। 

भारत सरकार की मदद से यूसर्क, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग व सरस्वती जनकल्याण एवं स्वरोजगार संस्था के संयुक्त तत्वावधान में बांस एवं रिंगाल उद्यमियों के उत्पादों के मूल्यवर्धन हेतु सात दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम शनिवार से शुरू हो गया। पांच मार्च तक चलने वाले इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में 30 महिला उद्यमी शिरकत कर रही हैं।

एफआरआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. संतन बर्त्वाल ग्राम प्रधान नेहा, उपनिदेशक एडी डोभाल प्रदीप डोभाल ने संयुक्त रूप से ट्रेनिंग प्रोग्राम का शुभारंभ किया। इस मौके पर विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि बांस और रिंगाल के उत्पादों के मूल्यवर्धन के लिए जरूरी है कि बाजार और जरूरत को ध्यान में रखा जाए।

साथ ही उत्पादों के डिजाइन पर भी फोकस करने की बात कही गई। डा. संतन बर्त्वाल ने रिंगाल उत्पादन हेतु नर्सरी लगाने और इसके प्रबंधन पर जानकारी दी। यूसर्क के निदेशक प्रो. एमपीएस बिष्ट ने स्थानीय संसाधनों पर आधारिक आजीविका वर्धन हेतु महिला उद्यमियों को आगे आने का संदेश दिया।

डा. विपिन सती ने राज्य में बांस और रिंगाल के उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी गई। डा. मंजू सुंदरियाल ने सात दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर मास्टर ट्रेनर मदन लाल, समन्वयक श्रीमती बीना सिंह आदि मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

कोरोना अपडेटः 2757 नए मामले, 37 की मौत 802 स्वस्थ हुए

देहरादून। कोरोना संक्रमण राज्य के हेल्थ सिस्टम की