परीक्षा केंद्र में मिली अनियमितताओं पर बिफरे कुलपति, लगाई फटकार

परीक्षा केंद्र में मिली अनियमितताओं पर बिफरे कुलपति, लगाई फटकार

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देहरादून। राज्य में स्थित प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीटयूट की मनमानी का अंत नहीं है। इंस्टटीटयूट विश्वविद्यालय की परीक्षा से संबंधित गाइड लाइन को भी फॉलो नहीं कर रहे हैं।

श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीपी ध्यानी परीक्षा की शूचिता के पक्षधर हैं। यही वजह है कि कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने सबसे पहले इसी पर फोकस किया। वो एक-एक परीक्षा केंद्र पर स्वयं जाकर व्यवस्थाएं देख रहे हैं।

प्राइवेट इंस्टीटयूट में उन्हें जो कुछ देखने को मिल रहा है वो हैरान करने वाला है। कुलपति इस पर कड़े एक्शन का मन बना चुके हैं। शनिवार को कुलपति ने बीएफआईटी, सुद्धोवाला का औचक निरीक्षण किया। कुलपति द्वारा बीएफआईटी, सुद्धोवाला देहरादून का औचक निरीक्षण किया। करीब पौने चार बजे परीक्षा सम्बन्धी कक्ष संचालित होना नहीं पाया गया।

प्राचार्य द्वारा बताया गया कि सभी परीक्षार्थी 1.30 बजे परीक्षा समाप्ति के उपरान्त चले गये हैं। कुलपति द्वारा पूछने पर कि कौन से कक्ष में परीक्षा संचालित हो रही थी, प्राचार्य द्वारा कक्ष बताने में असमजस किया गया, जिस कक्ष में परीक्षा होने बतायी गयी। जो कक्ष बताया गया उसमें सीटिंग प्लान प्रदर्शित नहीं किया गया था।

कुलपति प्रो. ध्यानी ने करीब चार बजे परीक्षा कन्ट्रोलरूम का निरीक्षण किया गया। यहां पर चार उत्तर पुस्तिकायें बगैर सील बंद के लिपिक के टेबल पर रखी पायी गयी। इससे संबंधित प्रपत्र भी नहीं भरे गए थे। परीक्षा प्रभारी जा चुके थे।

इस पर बिफरे कुलपति ने प्रिंसिपल को आड़े हाथों लिया। कहा कि ये अनियमितता है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। कुलपति ने मौके से ही विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को निर्देशित किया कि कॉलेज की इस अनियमितता पर कॉलेज का जवाब तलब किया जाए। उत्तर पुस्तिकाएं हर दिन संकलन केंद्र तक पहुंचाने को कहा जाए। व्यवस्था में सुधार न होने पर परीक्षा केंद्र हमेशा के लिए बंद करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा कुलपति प्रो. ध्यानी के नेतृत्व में विश्वविद्यालय की टीम ने एमआईटी का औचक निरीक्षण किया। कॉलेज में ं बीए मॉस काम्युनिकेशन की परीक्षाएं चल रही थी। यहां व्यवस्थाएं काफी तक प्रॉपर मिली। इसके बाद मिनर्वा इंस्टीट्यूड आफ टैक्नोलॉजी का भी निरीक्षण किया गया। यहां एमए फाईन आर्ट्स एवं बी0ए0 मास कम्युनिकेशन की परीक्षायें चल रही थी।

कुलपति द्वारा फाईन आर्टस की प्रयोशाला, कक्षा कक्ष का भी निरीक्षण किया । यह पाठ्यक्रम लीक से हटकर एक रोजगारन्मुखी एवं रूचिपरक है, जिसकी कुलपति द्वारा सराहना की गयी। कुलपति द्वारा संस्थान को निर्देशित किया कि वे, संस्थान में एक उत्तराखण्ड संस्कृति, लोककला एवं विधाओं की अलग से गैलरी की स्थापना करें। तथा सांस्कृतिक आदान-ंप्रदान के लिए अन्य संस्थानों से भी सम्पर्क किया जाय तथा पाठ्यक्रम के सतत विकास हेतु लगातार कार्य करते रहें। निरीक्षण टीम में कुलपति प्रो. ध्यानी के अलावा सुनील नौटियाल आदि मौजूद थे।

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