बेसिक के शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की विजिलेंस जांच

बेसिक के शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की विजिलेंस जांच

vigiउत्तराखंड में राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में तैनात करीब 30 हजार शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की विजिलेंस जांच होगी। ऐसा आए दिन सामने आ रहे फर्जीबाड़े के चलते किया गया है।

प्रदेश में सरकारी नौकरियों में फर्जीबाड़ा किसी से छिपा नहीं है। तमाम मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। अब बेसिक शिक्षक सरकार के रडार पर हैं। दरअसल, ये बात सामने आ रही है कि कुछ शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पा गए हैं।

करीब डेढ़ सौ मामले अभी तक खुल चुके हैं। इसमें फर्जी प्रमाण पत्र के साथ ही गलत तरीके से नौकरी पाने के मामले भी शामिल हैं। ऐसे में शासन ने सभी शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की विजिलेंस जांच कराने का निर्णय लिया है।
दरअसल, संदेहास्पद शिक्षक विभागीय जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। ऐसे में सरकार को विजिलेंस जांच का निर्णय लेना पड़ा है।

हाई स्कूल और इंटर कालेजों में भी हैं मामले
बेसिक ही नहीं हाई स्कूल और इंटर कालेजों में भी फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने के मामले हैं।
आए दिन कुछ शिक्षकों के मामले चर्चाओं में आते रहते हैं। विभागीय स्तर पर हुई जांच पूरी नहीं हुई हैं। अधिकांश मामलों में शिक्षकों ने सहयोग नहीं किया। ऐसे में सवाल उठता है कि विजिलेंस जांच का दायरा बेसिक के शिक्षकों तक ही क्यों।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

कोरोना अपडेटः 2757 नए मामले, 37 की मौत 802 स्वस्थ हुए

देहरादून। कोरोना संक्रमण राज्य के हेल्थ सिस्टम की