विश्व खाद्य दिवस पर गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज चिन्यालीसौड़ और उत्तरकाशी में कार्यक्रम

विश्व खाद्य दिवस पर गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज चिन्यालीसौड़ और उत्तरकाशी में कार्यक्रम

- in उत्तरकाशी
0

चिन्यालीसौड़/उत्तरकाशी। विश्व खाद्य दिवस पर गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, चिन्यालीसौड़ और गवर्नमेंट पीजी कॉलेज उत्तरकाशी में कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्रों ने पोस्टर के माध्यम से खाद्य की महत्ता पर प्रकाश डाला।

गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, चिन्यालीसौड़ में एनएसएस के बैनर तले विश्व खाद्य दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रिंसिपल प्रो. संगीता मिश्रा ने की। कहा कि इस वर्ष का विश्व खाद्य दिवस कोरोना वायरस की पीड़ितों को समर्पित है इस साल लोगों को इस बात के लिए जागरूक किया जा रहा है इस महामारी से लड़ने के लिए खाद्य पदार्थ व कृषि कितना जरूरी है।

राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ मंजू भंडारी ने उद्यान उपलब्धता के विश्व के आंकड़े प्रस्तुत किए। साथ ही आने वाले दिनों की चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने पौष्टिक भोजन पर भी प्रकाश डाला। इस मौके पर पोस्टर व स्लोगन के माध्यम से सभी छात्र छात्राओं को पौष्टिक भोजन व स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित किया और भोजन को व्यर्थ न जाने की अपील की ।इस अवसर पर महाविद्यालय में डॉ विक्रम सिंह, डॉ प्रमोद कुमार,डॉ शैला जोशी ,डॉ मंजू भंडारी, दिनेश पाण्डे, डॉ रजनी लस्याल, बृजेश चौहान,कृष्णा डबराल, डॉ अशोक कुमार,डॉ हरिप्रसाद, आलोक बिजल्वाण, खुशपाल ,मदन, जितेंद्र पंवार, स्वर्ण सिंह गुलेरिया,धनराज बिष्ट,जय प्रकाश भट्ट आदि मौजूद थे।

राम चन्द्र उनियाल गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, उत्तरकाशी मे विश्व खाद्य दिवस मनाया गया।इस अवसर पर प्राचार्या प्रोफेसर सविता गैरोला द्धारा बढते खाद्यान्न संकट पर चिंता ब्यक्त करते हुऐ एक ओर हरित क्रांति की आवश्यकता के महत्व पर विचार व्यक्त की गये।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के द्वारा ऑनलाइन पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमे कि सभी स्वयंसेवकों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर स्वयंसेवकों के द्वारा खाद्दय सुरक्षा ,खाद्यान्न संकट जैसे विषयो पर पोस्टर बनाये गये ओर घरो पर रहकर अपने आस पास जागरूकता अभियान चलाया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ विपिन चंद्र ,डॉ प्रियंका संगल, वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ महेन्द्र पाल सिंह परमार ,डॉ ऋचा बधाणी ,डॉ आराधना चौहान , सुन्दर लाल, रीना , एवम छात्र छात्राये आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

भारत की युद्ध नीति स्वार्थ नहीं परमार्थ के लिएः अजीत डोभाल

ऋषिकेश। भारत की युद्ध नीति स्वार्थ के लिए