नई शिक्षा नीति में है छात्रों के सर्वांगीण विकास की गारंटीः प्रो. सेमवाल

नई शिक्षा नीति में है छात्रों के सर्वांगीण विकास की गारंटीः प्रो. सेमवाल

- in हरिद्वार
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रूड़की। नई शिक्षा नीति में छात्रों के सर्वांगीण विकास की व्यवस्था को शामिल किया गया है। इसके धरातल पर उतरते ही शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव महसूस होने लगेंगे।

ये कहना है हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो. एमएम सेमवाल का। सेमवाल श्री सनातन धर्म प्रकाश चंद्र कन्या महाविद्यालय की आई क्यू ए सी तथा ई लर्निंग सेल की ओर से “न्यू एजुकेशन पॉलिसी 2020“ पर एक दिवसीय नेशनल वेबीनार में बतौर मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे।

उन्होंने नई शिक्षा नीति में स्कूल एवं प्राथमिक शिक्षा से संबंधित विभिन्न पहलुओं और प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि नई शिक्षा नीति एक सूत्र में बंधी हुई ऐसी नीति है जिसे प्राथमिक शिक्षा से लेकर अनुसंधान तक जोड़ा गया है। इसमें कला, साहित्य, धर्म, तथा अनुसंधान सभी का अनूठा समागम है । कहा कि राष्ट्र का सतत विकास तभी हासिल किया जा सकता है जब शिक्षा नीति का उचित प्रकार से क्रियान्वयन हो, इसके लिए उन्होंने सभी के सहयोग की अपेक्षा की।

डॉ. सतीश कुमार ( एसोसिएट प्रोफेसर राजनीति विज्ञान विभाग मेरठ कॉलेज मेरठ) ने उच्च शिक्षा के संदर्भ में नई शिक्षा नीति की व्यवस्था पर अपने विचार व्यक्त करते हुए स्नातक स्तर पर मल्टीपल एंट्री और एग्जिट तथा मल्टीडिसीप्लिनरी एजुकेशन पर चर्चा की । उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति एक छात्र केंद्रित तथा रोजगार परक नीति है जिसमें छात्र अपनी रूचि के अनुसार किसी भी विषय का चयन कर सकते हैं। इसमें स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया गया है ।

डॉ. कल्पना पाटनी लखेड़ा ने टीचर्स एजुकेशन इन न्यू एजुकेशन पॉलिसी विषय पर अपने विचार प्रकट करते हुए स्किल्ड और एक्सपर्ट टीचर्स की आवश्यकता पर बल दिया । उन्होंने कहा मेरिटोरियस स्टूडेंट्स को शिक्षा शिक्षा के क्षेत्र से जुड़कर अपनी सेवाएं देनी चाहिए। नई शिक्षा नीति के अनुसार अब शिक्षकों की प्रोन्नति वरिष्ठता के आधार पर ना होकर उनके कार्य कौशल के आधार पर होगी ।

उन्होंने शिक्षण से जुड़े विभिन्न तकनीकी पाठ्यक्रमों जैसे बी.एड तथा टी.ई.टी परीक्षा में हुए नए बदलावों पर भी विस्तार से जानकारी दी । अंत में कॉलेज की प्रिंसिपल डा. अर्चना मिश्रा ने सभी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि निसंदेह नई शिक्षा नीति एक बहुत ही महत्वपूर्ण , सुविचारित और रोजगार परक नीति है।
इसके सफल क्रियान्वयन हेतु शिक्षा जगत से जुड़े सभी लोगों को सहयोग करना होगा , तभी एक सफल राष्ट्र के समग्र विकास की नींव रखी जा सकती है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कामना जैन , डा. किरनबाला तथा श्रीमती अंजलि प्रसाद के निर्देशन में हुआ ।

इस अवसर पर डॉ अलका आर्य , डा. असमा सिद्दीकी, डा. सीमा राय इत्यादि उपस्थित रहे । वेबीनार में लगभग 100 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।

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