सरकार! शिक्षकों में फ्रॅस्टेशन पैदा कर रहा प्रमोशन का ये तरीका

सरकार! शिक्षकों में फ्रॅस्टेशन पैदा कर रहा प्रमोशन का ये तरीका

- in शिक्षा
767
0

ऋषिकेश। राजकीय हाई स्कूल और इंटर कालेज में तैनात एलटी शिक्षकों में विभाग का प्रमोशन का तरीका फ्रॅस्टेशन पैदा कर रहा है। सरकार और विभाग प्रमोशन की अजीबोगरीब व्यवस्था पर गौर करने तक के लिए तैयार नहीं है।

एलटी/प्रवक्ता का प्रमोशन का पद हाईस्कूल का हेडमास्टर है। प्रमोशन के इस लाइनअप से इत्तर विभाग ने एलटी से प्रवक्ता को भी प्रमोशन के रूप में स्थापित कर दिया है। सरकार और विभाग इसे प्रमोशन के रूप में प्रचारित भी करते हैं।

सच ये है कि ये विषयगत मामला है। इसमें वरिष्ठता विषय के आधार पर तो काउंट होती है। मगर, ओवरऑल वरिष्ठता का इससे कोई लेना देना नहीं होता। जो कि एक साथ सेवा में आए कर्मियों के प्रमोशन का आधारिक मानक होता है।

विषयगत लाभ की वजह से प्रवक्ता पद मजाक भी बन गया है। आप जितने विषय में पीजी होंगे आपके प्रमोशन के चांस उतने ही अधिक होंगे। इसमें शिक्षक का उस विषय को पढ़ाने के अनुभव का कोई मतलब नहीं। शिक्षक उस विषय के भी प्रवक्ता बन रहे हैं जो उन्होंने जीवन में सिर्फ एमए पास करने के लिए पढ़ा।

प्रमोशन का ये तरीका एलटी शिक्षकों में फ्रॅस्टेशन पैदा कर रहा है। सेवा के 21-22 वें साल में विषयगत लाभ मिलने से एलटी शिक्षक को हर तरह से नुकसान होता है। प्रमोशन स्वीकारे या फॉर गो करे उसका ग्रेड पे प्रभावित होता है।

एलटी शिक्षकों में फ्रॅस्टेशन का असर कहां अधिक पड़ रहा होगा बताने की जरूरत नहीं है। हैरानगी की बात ये है कि सरकार और विभाग ने कभी इस पर गौर नहीं किया। कुछ जागरूक शिक्षक जरूर इस समस्या के समाधान को सुझाव प्रस्तुत करते रहे हैं।

कुछ सुझाव ऐसे हैं उन्हें लागू कर जूनियर का सीनियर से पहले प्रमोशन का राड़ा ही समाप्त हो जाए। मगर, कोई सुने तो तब न।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

105वीं जयंती पर याद किए गए टिहरी जनक्रांति के नायक

टिहरी। टिहरी जनक्रांति के नायक श्रीदेव सुमन को